आजमगढ़ दीपावली का त्योहार धूमधाम से मनाया जाता है बच्चों से लेकर बड़े उत्साह होते हैं बच्चे पटाखा छोड़कर खुशी मनाते हैं शहर के मड़या स्थित लोटस मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉक्टर पंकज राय ने कहा कि पटाखा छोड़ते समय कुछ सावधानी रखकर पटाखा छोडे़ नहीं तो पटाखा छोड़ते समय जरा सी असावधानी शरीर को नुकसान पहुंचा सकती है। आतिशबाजी के समय अगर झुलस जाते हैं तो घबराएं नहीं। इसके लिए शरीर के जले हुए हिस्से को 10 से 15 मिनट तक ठंडे पानी में रखें और इसके बाद तत्काल डाक्टर को दिखाएं। शरीर के जले हुए हिस्से में गोबर, कीचड़ या राख बिल्कुल नहीं लगाना चाहिए। जहां पटाखा छोडे़ में वहां बाल्टी मे पानी रखें फुलझरी की तिलियां को पानी में डालते रहे बेहतर होगा दीपावली पर सिर्फ इको फ्रेंडली पटाखे इस्तेमाल करें। ज्वलनशील पदार्थों जैसे पेट्रोल, केरोसिन और एलपीजी से दूर रह कर ही पटाखे छोड़ें। फुल आस्तीन के कॉटन के कपड़े पहने।