आजमगढ़ दीपावली का पर्व सभी लोग धूमधाम से मनाते हैं बच्चों एवं बड़ों में उत्साह अधिक होता है बच्चे मिठाई खाने के साथ-साथ पटाखे एवं फुलझड़ी छोड़ते हैं । पटाखे छोड़ते एवं फुलझड़ी जलाते हैं समय सावधानी पूर्वक त्यौहार मनाए । वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉक्टर आर बी सिंह ने कहा कि बच्चों को पटाखे से दूर रखें और उनके साथ सावधानी बरतने की जरूरत है। बच्चे जब भी पटाखा छोड़े तो अभिभावक उनके साथ रहें। दूर से उन्हें आतिशबाजी करने दें, अन्यथा थोड़ी सी लापरवाही आतिशबाजी के दौरान उनके -आंखों की रोशनी जा सकती है। आतिशबाजी के समय काला चश्मा या फिर ग्लास पहनकर रहे। यदि आंखों में कुछ पड़ जाता है तो आंखों को रगड़ें नहीं और न ही उस पर दबाव डालें। अच्छे चिकित्सक से संपर्क कर दवा का प्रयोग करेंl पटाखा जलाते समय पास में बाल्टी में पानी रखें फुलझड़ी की तिलिया उसमें डालते रहे जिससे पैरों में ना धसें । फुल आस्तीन के कॉटन के कपड़े पहने ।