आजमगढ़ श्री बरनवाल सेवा समिति के तत्वावधान में महाराजा अहिबरन जयंती महोत्सव का आयोजन आर.के.गेस्ट हाऊस मुकेरीगंज के प्रांगण में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती व महाराजा अहिबरन के चित्र पर माल्यार्पण, पुष्पांजलि, दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया, पश्चात सरस्वती वन्दना व अहिबरन वन्दना प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में मेहंदी, रंगोली, कुर्सी दौड़, नींबू दौड़,बोरी दौड़,स्लो स्कूटी रेस, चित्रकला, लेख,व सामान्य ज्ञान व सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान प्राप्त प्रतिभागियों को स्मृति चिन्ह व प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम को उत्तर प्रदेशीय बरनवाल वैश्य सभा के प्रांतीय अध्यक्ष श्रीकांत बरनवाल ने सम्बोधित करते हुए कहा कि आज हमारे समाज की महिलाएं व बच्चे शिक्षित व संस्कारवान होकर सशक्त समाज का निर्माण कर समाज व राष्ट्र को गौरवान्वित करने का पुनीत कार्य कर रहे हैं। उक्त अवसर पर विभिन्न बोर्डो में उत्कृष्ट स्थान प्राप्त छात्रों व छात्राओं को मेडल, स्मृति चिन्ह व प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में संरक्षक रवीन्द्र नाथ बरनवाल, राधेश्याम गुप्त, हर्ष बरनवाल, राजेन्द्र बरनवाल, दिनेश बरनवाल, वीरेंद्र बरनवाल,डां जी.एन. बरनवाल,पूनम बरनवाल,सुमन बरनवाल, सारिका बरनवाल,व अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता दीपक बरनवाल व संचालन बद्री प्रसाद गुप्त द्वारा किया गया।
आजमगढ़ ई-शान पब्लिक स्कूल, रोहुआ मुस्तफाबाद मे स्वतंत्रता दिवस का कार्यक्रम आयोजित किया गया। सर्वप्रथम स्कूल के निदेशक अशोक कुमार श्रीवास्तव ने ध्वजा रोहण किया और तिरंगे को सलामी दी। छात्रांे ने राष्ट्रगान गाया और अपने-अपने हाउस में खड़े छात्रों द्वारा मार्च पास्ट किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथी डा0 भक्तवत्सल रहे। छात्रों ने रंगा-रंग कार्यक्रमों की प्रस्तुति के साथ देशभक्ति गीतों से दर्शको का मन मोह लिया। स्कूल के निदेशक अशोक कुमार श्रीवास्तव जी ने स्वतंत्रता दिवस के इतिहास पर विचार व्यक्त करते हुये छात्रों को आजादी के महत्व को समझा कर उसे आत्मसात करने एवं अनुशासन का पालन कर राष्ट्र के नवनिर्माण में अपनी सहभागिता को सुनिश्चित करने को कहा तथा उप-निदेशक श्री दिव्यांश श्रीवास्तव जी ने अपने वक्तव्य में कहा हर व्यक्ति को अपने कार्य के प्रति शत-प्रतिशत जागते रहना चाहिये, वही उसकी देश भक्ति है। स्कूल के प्रधानाचार्य रविन्द्र श्रीवास्तव जी ने अपने व्यक्तव्य में कहा कि हर व्यक्ति को राष्ट्र के प्रति ईमानदार तथा कर्मनिष्ठ होना चाहिए। अन्त में स्कूल के उप-...