(आजमगढ़): भीमबर स्थित शिक्षक इंटर कॉलेज में स्वर्गीय माया राय निर्मोही के स्मृति में आयोजित 34 वां विराट मानस सम्मेलन में संगीतमय कथावाचक अमरदीप अवस्थी ने अपने प्रवचन द्वारा क्षेत्र को भक्ति मय वातावरण कर दिया। उन्होंने ने कहा कि माता सीता जी का चरित्र पुरुषोत्तम भगवान श्री राम जी से भी अच्छा है उन्होंने कहा कि किसी भी रूप में व्याख्या की जाए तो कम ही है क्योंकि माता सीता को रावण अपहरण कर लंका में ले गया। उन्हें बहुत से प्रलोभन दिया कराया , बहुत डराया धमकाया परंतु माता सीता ने अपने पद से विचलित नहीं हुई उन्हें अपने पति परमेश्वर भगवान श्री राम पर पूरा विश्वास था उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। उन्होंने भगवान राम के मर्यादा को बनाए रखा। भगवान राम ने रावण का वध किया तो माता सीता जी ने रक्तबीज रावण का वध किया जो रावण से भी बलशाली राक्षस था। आज के समय में भी माता व बहनों को सीता जी के चरित्र को अपनाना चाहिए जिससे भारत एक मजबूत विकसित राष्ट्र बनेगा। महिलाओं को अपने आदर्श को पथ पर चलकर परिवार को आगे बढ़ाएं। इस अवसर पर कथावाचक रमाशंकर पांडे , कुमारी प्रिया ने भी मानस पाठ मे प्रवचन कर पूरा क्षेत्र भक्ति में कर दिया इस अवसर पर प्रबंधक वीरेंद्र कुमार राय ने कहा कि कल शनिवार को मानस कथा होगी उसके बाद प्रसाद वितरण होगा। संयोजक रानू राय ने सभी क्षेत्रवासियों से अपील किया कि मानस कथा में आकर रसपान करें।
आजमगढ़ ई-शान पब्लिक स्कूल, रोहुआ मुस्तफाबाद मे स्वतंत्रता दिवस का कार्यक्रम आयोजित किया गया। सर्वप्रथम स्कूल के निदेशक अशोक कुमार श्रीवास्तव ने ध्वजा रोहण किया और तिरंगे को सलामी दी। छात्रांे ने राष्ट्रगान गाया और अपने-अपने हाउस में खड़े छात्रों द्वारा मार्च पास्ट किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथी डा0 भक्तवत्सल रहे। छात्रों ने रंगा-रंग कार्यक्रमों की प्रस्तुति के साथ देशभक्ति गीतों से दर्शको का मन मोह लिया। स्कूल के निदेशक अशोक कुमार श्रीवास्तव जी ने स्वतंत्रता दिवस के इतिहास पर विचार व्यक्त करते हुये छात्रों को आजादी के महत्व को समझा कर उसे आत्मसात करने एवं अनुशासन का पालन कर राष्ट्र के नवनिर्माण में अपनी सहभागिता को सुनिश्चित करने को कहा तथा उप-निदेशक श्री दिव्यांश श्रीवास्तव जी ने अपने वक्तव्य में कहा हर व्यक्ति को अपने कार्य के प्रति शत-प्रतिशत जागते रहना चाहिये, वही उसकी देश भक्ति है। स्कूल के प्रधानाचार्य रविन्द्र श्रीवास्तव जी ने अपने व्यक्तव्य में कहा कि हर व्यक्ति को राष्ट्र के प्रति ईमानदार तथा कर्मनिष्ठ होना चाहिए। अन्त में स्कूल के उप-...