आजमगढ़ बिलरियागंज क्षेत्र के पटवध कौतुक प्राचीन शिव मंदिर में नवदिवसीय मानस महायज्ञ एवं श्री राम कथा मे श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह श्री कांत पांडे एवं अन्य विद्वान द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यज्ञ का शुभारंभ हुआ और पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
शाम को ललित नारायण गिरी** ने “नारद विवाह” प्रसंग पर मार्मिक एवं प्रेरणादायक प्रवचन दिया। उन्होंने कहा कि अहंकार और अभिमान मनुष्य के आध्यात्मिक पतन का मुख्य कारण हैं। देवर्षि नारद के जीवन प्रसंग का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि जब क्षणिक रूप से अभिमान उत्पन्न हुआ, तब भगवान की माया ने उन्हें शिक्षा दी। इस कथा से यह संदेश मिलता है कि चाहे व्यक्ति कितना भी ज्ञानी, तपस्वी या भक्त क्यों न हो, अहंकार उसे सत्य मार्ग से विचलित कर सकता है।
महाराज जी ने कहा कि रामकथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जीवन को मर्यादा, विनम्रता और सेवा भाव की ओर ले जाने वाली दिव्य धारा है। नव मानस महायज्ञ के माध्यम से समाज में शांति, सद्भाव और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।