आजमगढ़ बिलरियागंज रोड पटवध कौतुक प्राचीन शिव मंदिर परिसर में नव दिवसीय श्री मानस महायज्ञ एवं राम कथा में सुबह आचार्य श्रीकांत पांडे, आचार्य राहुल शास्त्री एवं अरुण तिवारी अन्य विद्वानों द्वारा हवन पूजन का आयोजन संपन्न हुआ।बच्चों को केवल शिक्षा ही नहीं, संस्कार भी देना आवश्यक है- कथावाचक प्रियंका पाण्डेय
शाम को कथा वाचक प्रियंका पांडेय ने श्रीराम की शिक्षा से जुड़ी घटना का अत्यंत प्रेरक और भावपूर्ण वर्णन किया।कथा के दौरान उन्होंने बताया कि गुरु विश्वामित्र के साथ जब राम और लक्ष्मण जनकपुर पहुंचे, तब वहां उनके शौर्य, विनम्रता और ज्ञान की चर्चा चारों ओर होने लगी। जनकपुरी की पवित्र भूमि पर राम ने ऋषि-मुनियों के सान्निध्य में शास्त्र और शस्त्र दोनों की महत्ता को आत्मसात किया। कथा व्यास ने बताया कि शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान नहीं, बल्कि आचरण, विनम्रता और गुरु आज्ञा पालन का समन्वय है, जिसका आदर्श उदाहरण श्रीराम का जीवन है।प्रियंका पांडे ने कहा कि जनकपुर प्रवास के दौरान राम ने मर्यादा, धैर्य और संयम का परिचय दिया, जिससे समाज को आदर्श जीवन जीने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने श्रोताओं को संदेश दिया कि बच्चों को केवल शिक्षा ही नहीं, संस्कार भी देना आवश्यक है।