आजमगढ़ शहर से सेट सुरसी, निवासी विमला देवी पत्नी सुनील यादव ने सरकारी भूमि अभिलेखों में कथित फर्जीवाड़े का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपकर मामले की जांच और एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है। प्रार्थना पत्र के अनुसार, विमला देवी ने वर्ष 2015 में ग्राम सुरसी निवासी राम बिलास पुत्र दरबारी से गाटा संख्या 213 की 42 कड़ी भूमि क्रय की थी। उनका कहना है कि भूमि खरीद के बाद नियमानुसार नामांतरण (म्यूटेशन) प्रक्रिया पूरी हुई और जमीन उनके नाम दर्ज हो गई थी। विमला देवी का आरोप है कि बाद में उसी भूमि में अभय यादव पुत्र सुदर्शन यादव, निवासी ग्राम देवइत थाना मेहनगर, का नाम कथित रूप से अवैध तरीके से सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज कर दिया गया। उनका कहना है कि उन्होंने अपनी भूमि का कोई हिस्सा अभय यादव के नाम न तो बेचा है और न ही किसी प्रकार का हस्तांतरण किया है।
प्रार्थिनी विमला देवी ने आरोप लगाया कि यह कार्य राजस्व विभाग में कार्यरत कम्प्यूटर बाबू विवेक पाठक द्वारा कथित रूप से धनराशि लेकर बिना किसी सक्षम अधिकारी के आदेश के 5/12 किया गया। उनके अनुसार, यदि बिना वैधानिक प्रक्रिया के नाम दर्ज हुआ है तो यह सरकारी अभिलेखों में गंभीर अनियमितता और छेड़छाड़ का मामला हो सकता है। विमला देवी ने अपने शिकायती पत्र में यह भी कहा कि राजस्व अभिलेखों में कथित हेरफेर कर अवैध धन उगाही का खेल चल रहा है, जिससे आम लोगों की जमीनें विवादित हो रही हैं और विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
उन्होंने जिलाधिकारी से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि आरोप सही पाए जाएं तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
संबंधित पक्षों की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। जांच के बाद ही आरोपों की पुष्टि या स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।