आजमगढ़ बढ़ती गर्मी, तेज धूप, शुष्क मौसम और धूलभरे वातावरण के कारण आंखों से संबंधित एलर्जी एवं संक्रमणजनित रोगों के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों, एलर्जी की प्रवृत्ति वाले लोगों तथा लंबे समय तक बाहर काम करने वालों में यह समस्या अधिक देखने को मिल रही है। राज ललित नेत्रालय रैदोपुर आजमगढ़ के
वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. राजकुमार सिंह ने बताया कि तेज धूप की पराबैंगनी किरणें, धूल के सूक्ष्म कण, प्रदूषण और गर्म हवाएं आंखों की सतह को प्रभावित कर एलर्जिक कंजंक्टिवाइटिस एवं ड्राई आई जैसी समस्याओं का कारण बन सकती हैं। समय पर उचित जांच और उपचार न मिलने पर संक्रमण बढ़ सकता है तथा कॉर्निया प्रभावित होने से दृष्टि पर भी असर पड़ सकता है। लक्षण आंखों का लाल होना,* आंखों में जलन, चुभन एवं लगातार खुजली।,आंखों से अत्यधिक पानी आना।,आंखों में भारीपन या थकान महसूस होना, आंख खोलने में कठिनाई,आंखों से कीचड़ या चिपचिपा स्राव निकलना,धुंधला दिखाई देना।
,तेज रोशनी में आंखें खोलने में परेशानी, बार-बार आंख मलने की इच्छा होना।
बचाव के लिए तेज धूप में बाहर निकलते समय प्रोटेक्टिव सनग्लास पहनें।धूलभरे वातावरण में कार्य करते समय सुरक्षात्मक चश्मे का प्रयोग करें।बाहर से आने के बाद हाथ और चेहरा धोएं तथा आंखों को स्वच्छ ठंडे पानी से साफ करें। गंदे हाथों से आंखों को न छुएं और न रगड़ें।पर्याप्त मात्रा में पानी पीकर शरीर को हाइड्रेट रखें।संतुलित आहार लें, जिसमें हरी पत्तेदार सब्जियां, मौसमी फल तथा विटामिन ए और ओमेगा-3 युक्त खाद्य पदार्थ शामिल हों, जो आंखों के स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है