आजमगढ विश्व हृदय दिवस के अवसर पर हृदय रोगों के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। डॉ. ए.के. राय ने कहा कि बदलती जीवनशैली, खानपान में असंतुलन, तनाव, धूम्रपान, तंबाकू का सेवन, मोटापा और शारीरिक गतिविधियों की कमी हृदय रोगों के प्रमुख जोखिम कारकों में शामिल हैं। समय रहते लक्षणों की पहचान और चिकित्सकीय सलाह से गंभीर स्थिति से बचाव में मदद मिल सकती है।
उन्होंने बताया कि सीने में दर्द या दबाव, सीने से दर्द का बांह, कंधे, पीठ या जबड़े तक पहुंचना, सांस फूलना, अत्यधिक पसीना आना, चक्कर, कमजोरी या अचानक बेचैनी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। विशेषकर अचानक तेज सीने के दर्द या सांस लेने में गंभीर परेशानी होने पर तत्काल चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।
सावधानी के लिए नियमित पैदल चलना या व्यायाम करना, वजन नियंत्रित रखना, नमक और अत्यधिक तला-भुना भोजन कम करना तथा फल, सब्जियां और संतुलित आहार को दिनचर्या में शामिल करना जरूरी है। धूम्रपान और तंबाकू से पूरी तरह दूरी बनाए रखने के साथ रक्तचाप, रक्त शर्करा और कोलेस्ट्रॉल की समय-समय पर जांच करानी चाहिए।